कानपुर में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा कंपनी के डिजिटल वॉलेट से डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने कंपनी के सिस्टम की तकनीकी जानकारी का फायदा उठाकर करीब छह महीने तक लगातार रकम ट्रांसफर की और किसी को भनक तक नहीं लगने दी।
मामले का खुलासा होने के बाद काकादेव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और रकम के इस्तेमाल की जांच में जुटी है।
कंपनी के सिस्टम का उठाया फायदा
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार के मुताबिक, ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी के सह-संस्थापक वरुण रमण ने कंपनी के वॉलेट से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की हेराफेरी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त जांच शुरू की।
जांच के दौरान बुधवार रात पनकी स्थित कंपनी के वेयरहाउस में काम करने वाले दो कर्मचारियों राहुल कुशवाहा और विशाल कनौजिया को गिरफ्तार किया गया। दोनों को कंपनी के डिजिटल सिस्टम और ट्रांजेक्शन प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और 48,900 रुपये नकद बरामद किए हैं। ये उपकरण ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
रात में करते थे ट्रांजेक्शन, ताकि किसी को पता न चले
जांच में सामने आया कि कंपनी के वॉलेट से रकम ट्रांसफर करने के दौरान आने वाला ओटीपी कंपनी की आधिकारिक ई-मेल आईडी और वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंचता था।
आरोपी रात के समय ट्रांजेक्शन करते थे ताकि सो रहे अधिकारियों को ओटीपी की जानकारी न मिल सके। अगले दिन सिस्टम का डेटा सिंक होने तक ओटीपी संदेश काफी पीछे चले जाते थे और किसी को शक नहीं होता था।
स्वॉट टीम प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि आरोपी ट्रांजेक्शन के दौरान ओटीपी इंटरसेप्ट कर लेते थे और फिर रकम को अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी में ट्रांसफर कर देते थे।
पत्नी और प्रेमिका के खातों में भेजे लाखों रुपये
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी विशाल कनौजिया ने अपनी पत्नी ज्योति के खाते में करीब 40 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा अपनी प्रेमिका के खाते में भी 38 लाख रुपये भेजे गए।
आरोपी पहले परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में रकम भेजते थे और बाद में वहां से पैसे पत्नी और प्रेमिका के खातों में मंगवा लेते थे, ताकि सीधे ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड न बने।
पुलिस के मुताबिक राहुल कुशवाहा बीकॉम का छात्र है, जबकि विशाल कनौजिया हाईस्कूल के बाद आईटीआई कर चुका है।
सट्टेबाजी में गंवाए 50 लाख रुपये
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सट्टेबाजी के शौकीन हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने आईपीएल सट्टे में करीब 40 से 50 लाख रुपये गंवाने की बात कबूल की है।
इसके अलावा कुछ रकम लोगों को उधार देने की भी जानकारी सामने आई है। अब पुलिस उन सभी बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी। संबंधित खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ठगी के पैसों से खरीदा प्लॉट और खोला रेस्टोरेंट
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ठगी की रकम से कानपुर देहात में एक प्लॉट खरीदा था। इसके अलावा एक पुरानी स्विफ्ट कार भी खरीदी गई।
इतना ही नहीं, काकादेव इलाके में “फूडी जंक्शन” नाम से एक रेस्टोरेंट भी शुरू किया गया था। पुलिस अब इन संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी कर रही है।
फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
